61.
Paheliyan
जब आता है खुशियां लाता -मजेदार पहेली
जीभ नहीं है फिर भी बोले, पैर नहीं पर जंग में डोले, राजा-रंक सभी को भाता, जब आता है खुशियां लाता।
उत्तर – रुपया
जीभ नहीं है फिर भी बोले, पैर नहीं पर जंग में डोले, राजा-रंक सभी को भाता, जब आता है खुशियां लाता।
उत्तर – रुपया
चार अक्षर का है मेरा नाम, गहरी छाया फल देना मेरा काम, मुझ पर कीड़े पलते, कीड़ों से हम कपड़ा बुनते।
उत्तर - शहतूत
लख से मेरा नाम है, हूँ नवाबों का शहर, राजधानी एक राज्य की, नहीं मैं कोई गैर।
उत्तर - लखनऊ
वह कौन है, जिसकी आपसे कोई दुश्मनी भी नहीं है, लेकिन फिर भी वह आपके खून की प्यासी है?
उत्तर – जूँ।
जो तुझमे है वह उसमे नहीं, जो झंडे में है वह डंडे में नहीं ?
उत्तर – झ (jh)
वह क्या है, जिसके पास एक आँख है, फिर भी वह देख नहीं सकती है?
उत्तर – सुई
ऐसे कौन-से दो पेड़ हैं, जिनमे लकड़ी नहीं होती है?
उत्तर: अंगूर और केला
यह फूल है काले रंग का, सिर पर हमेशा सुहाए, तेज धूप में खिल-खिल जाता, पर छाया में मुरझाए। बताओ क्या ?
उत्तर – छतरी (Umbrella)
ऐसा कौन सा फल है, जो कच्चे में मीठा लगता है, और पकने के बाद खट्टा लगता है ?
उत्तर – अनानस (Pineapple)
ऐसा कौन सा फल है जो कभी पेड़ पर नहीं लगता?
उत्तर –फलसफा (तर्क)
दुम काटो तो काट के रख दें, कटे पेट तो फलों में श्रेष्ठ, सिर काटो तो हे भगवान, थकान मिटाना मेरा काम।
उत्तर – आराम
आगे ‘प’ है मध्य में भी ‘प’, अंत में इसके ‘ह’ है, कटी पतंग नहीं यह भैया, न बिल्ली चूहा है, वन में पेड़ों पर रहता है; सुर में रहकर कुछ कहता है| बताओ क्या ?
उत्तर – पपीहा